बिगड़ता युवा
आज दुनिया भले ही विज्ञान के मायनो से बहुत आगे निकलती जा रही है, और यदि ऐसा ही रहा तो आने वाला समय विज्ञान पर पूर्णतः निर्भर हो जाएगा। यहाँ तक तो ठीक है लेकिन क्या अपने कभी युवा के बारे में विचार रखें है या उनके लिए एक बेहतर कल पर चर्चा की है? शायद नहीं क्योंकि आज का युवा बदल रहा है। आज के युवा हर दिन कुछ नई मांग करता है। इस कुछ नए की मांग ने युवा को नशे की सीढ़ी पर लाकर खड़ा कर दिया है। विज्ञान आगे बढ़ तो रहा है लेकिन युवा को पीछे धकेल रहा है। जबकि यही युवा कल को बेहतर कर सकता है यदि युवा ही नही रहेगा तो कल बेहतर कैसे बनेगा ???
यह प्रश्न विचारणीय है
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